झारखंड सरकार राज्य की महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है। इसी दिशा में शुरू की गई मइयां योजना को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सभी जिलाधिकारियों एवं विभागीय अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि योजना के लाभुकों का सत्यापन कार्य 15 दिनों के भीतर पूरा कर लिया जाए। मुख्यमंत्री ने इस बाबत विभिन्न विभागों के साथ बैठक कर विस्तृत समीक्षा की।
मइयां योजना क्या है?
मइयां योजना झारखंड सरकार की एक सामाजिक योजना है, जिसका उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को पोषण और स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करना है। योजना के अंतर्गत चयनित लाभुकों को सरकारी सहायता दी जाती है, जिससे वे गर्भावस्था के दौरान पोषण और स्वास्थ्य देखभाल पर ध्यान दे सकें।
लेकिन हाल के दिनों में कई जिलों से शिकायतें मिलीं कि कुछ लाभुकों का सत्यापन नहीं हो पाया है या फर्जी लाभार्थी सूची में शामिल हैं। इसको देखते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सभी लाभार्थियों का भौतिक सत्यापन (Physical Verification) कर यह सुनिश्चित किया जाए कि योजना का लाभ केवल पात्र महिलाओं को ही मिले।

मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक के मुख्य बिंदु
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में स्वास्थ्य, पेयजल, भवन निर्माण, शिक्षा, ग्रामीण विकास और कृषि विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में निम्नलिखित मुद्दों पर चर्चा हुई:
1) मइयां योजना लाभुकों का सत्यापन
- अगले 15 दिनों में सभी जिलों में लाभुकों का भौतिक सत्यापन।
- लाभार्थी सूची में पारदर्शिता सुनिश्चित करना।
- अपात्र लाभुकों को हटाकर योग्य महिलाओं को शामिल करना।
2) पेयजल संकट पर कार्य योजना
- गर्मियों में जल संकट से निपटने के लिए स्थानीय स्तर पर योजना बनाना।
- प्रत्येक गांव और टोले में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना।
- जिला प्रशासन को विशेष निर्देश जारी किए गए हैं।
3) आवास निर्माण में तेजी
- वित्तीय वर्ष 2025-26 तक 12.77 लाख आवास निर्माण का लक्ष्य।
- जिन लाभुकों को आवास की स्वीकृति मिल चुकी है, उन्हें शीघ्र निर्माण कार्य शुरू करने को कहा गया।
- आवास निर्माण में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
छात्रवृत्ति योजना में पारदर्शिता
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार ने छात्रवृत्ति वितरण की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि छात्रवृत्ति का भुगतान समय पर हो ताकि कोई भी विद्यार्थी उच्च शिक्षा से वंचित न रह जाए।
- पिछली सरकारों की तुलना में अधिक पारदर्शिता आई है।
- लाभुकों की सूची समय-समय पर अपडेट की जा रही है।
- छात्रवृत्ति आवेदन की प्रक्रिया को और सरल बनाया जाएगा।
किसानों को उर्वरक की समय पर उपलब्धता
मुख्यमंत्री ने कृषि विभाग को निर्देशित किया कि खरीफ और रबी फसल सीजन से पहले ही उर्वरक की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि:
- किसान देश की रीढ़ हैं, उनकी जरूरतों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
- समय पर बीज, खाद और सिंचाई सुविधा मुहैया कराई जाए।
- उर्वरक वितरण में पारदर्शिता और निगरानी रखी जाए।
निष्कर्ष
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की यह पहल राज्य में जनकल्याणकारी योजनाओं को और प्रभावी और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। मइयां योजना के लाभुकों का सत्यापन कार्य समय पर पूरा होना राज्य की महिलाओं के लिए राहत भरा साबित होगा। साथ ही पेयजल, आवास, शिक्षा और कृषि क्षेत्र में तेजी से लिए गए फैसले आने वाले समय में झारखंड के विकास में सहायक होंगे।
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